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अक्षय तृतीया 2027 की तिथि: रविवार, 9 मई 2027

अक्षय तृतीया 2027 रविवार, 9 मई 2027 को है, शुक्ल पक्ष तृतीया, वैशाख।

अद्यतन: 4 अक्टू॰ 2026 · तिथियाँ नई दिल्ली के लिए

मुख्य तथ्य

तिथि (दिनांक)
रविवार, 9 मई 2027
हिंदू तिथि
शुक्ल पक्ष तृतीया
वैशाख
तिथि आरंभ / समाप्त
11:43 AM, 8 मई → 9:03 AM
पूर्वाह्न काल
5:35 AM – 12:18 PM
सूर्योदय · सूर्यास्त (नई दिल्ली)
5:35 AM · 7:01 PM
विक्रम संवत्
2084 (गुजराती: 2083)

तिथियाँ

वर्षतारीखहिंदू तिथि
2027रविवार, 9 मई 2027शुक्ल पक्ष तृतीयाकैलेंडर में देखें

तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं। बीत चुकी तारीखें नहीं दी गई हैं। आगे के वर्ष जाँच के बाद जोड़े जाएँगे।

अक्षय तृतीया के बारे में

अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को पड़ती है। “अक्षय” का अर्थ है जिसका क्षय न हो, और माना जाता है कि इस दिन आरंभ किए गए या दान किए गए कार्य का फल स्थायी होता है।

परंपरा से यह सोना खरीदने, नए कार्य शुरू करने और दान देने का दिन है, और जैन परंपरा में यह प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ के वर्षभर के उपवास के पारण का दिन है।

तिथि कैसे तय होती है

अक्षय तृतीया उस वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है जो पूर्वाह्न में हो। यदि तृतीया दो दिन पूर्वाह्न में रहे तो उस दिन को चुना जाता है जब वह सूर्योदय पर भी हो।

कैसे मनाया जाता है

पूजा विधि

  1. सुबह जल्दी स्नान करें, संभव हो तो पवित्र नदी में।
  2. तुलसी, पीले फूल और चंदन से विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करें।
  3. जौ, सत्तू और खीर अर्पित करें।
  4. दान करें: जल से भरा घड़ा, पंखा, छाता, अन्न या वस्त्र, क्योंकि आज का दान कभी क्षय नहीं होता।
  5. ऊपर दिए पूर्वाह्न समय में नया काम शुरू करें, सोना ख़रीदें या कोई नया कार्य आरंभ करें।

पूजा सामग्री सूची

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कथा: अक्षय का दिन

अक्षय का अर्थ है "जो कभी क्षय न हो"। कहा जाता है कि इसी दिन श्रीकृष्ण के निर्धन बालसखा सुदामा केवल मुट्ठी भर चिवड़ा लेकर द्वारका आए। श्रीकृष्ण ने उसे प्रेम से खाया, और जब सुदामा घर लौटे तो उनकी झोपड़ी महल बन चुकी थी।

इसी दिन वनवास में पांडवों को अक्षय पात्र मिला, जिसमें भोजन कभी समाप्त नहीं होता था, और यही परशुराम जी का जन्मदिन है। माना जाता है कि आज के शुभ कर्म और दान अनंत फल देते हैं।

आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता। कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता। रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता। उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दीपावली की रात और हर लक्ष्मी पूजा में गाई जाने वाली लक्ष्मी आरती। शब्द परिवारों में थोड़े अलग हो सकते हैं।

अन्य शहरों में अक्षय तृतीया 2027

शहरतारीखनई दिल्ली से तुलना
नई दिल्लीरविवार, 9 मई 2027नई दिल्ली जैसी ही
लंदनशनिवार, 8 मई 20271 दिन पहले
न्यूयॉर्कशनिवार, 8 मई 20271 दिन पहले
टोरंटोशनिवार, 8 मई 20271 दिन पहले
सिडनीरविवार, 9 मई 2027नई दिल्ली जैसी ही
दुबईशनिवार, 8 मई 20271 दिन पहले
सिंगापुररविवार, 9 मई 2027नई दिल्ली जैसी ही
जोहान्सबर्गशनिवार, 8 मई 20271 दिन पहले
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्षय तृतीया 2027 में कब है?

अक्षय तृतीया 2027 रविवार, 9 मई 2027 को है (नई दिल्ली)। तिथि 11:43 AM, 8 मई से 9:03 AM तक रहती है।

अक्षय तृतीया की तारीख हर वर्ष क्यों बदलती है?

अक्षय तृतीया हिंदू चंद्र-सौर पंचांग पर आधारित है। यह वैशाख की शुक्ल पक्ष तृतीया से जुड़ा है, किसी निश्चित अंग्रेज़ी तारीख से नहीं। चंद्र वर्ष सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटा होता है, इसलिए तारीख हर वर्ष लगभग इतनी पहले खिसकती है, जब तक अधिक मास जोड़कर वह वापस आगे नहीं कूदती।

अक्षय तृतीया क्या हर जगह एक ही दिन होता है?

हमेशा नहीं। लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, दुबई, जोहान्सबर्ग में तारीख नई दिल्ली से अलग है, क्योंकि तिथियाँ स्थानीय सूर्योदय या सूर्यास्त पर देखी जाती हैं और ये स्थान भारत से कई घंटे दूर हैं। ऊपर की शहर-सारणी या अपने स्थान के साथ कैलेंडर देखें।

कैलेंडर में देखें। विक्रम संवत् कैलेंडर में मई 2027 देखें और अपने सूर्योदय के अनुसार तारीख पाने के लिए शहर बदलें।

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