मुख्य तथ्य
- तिथि (दिनांक)
- रविवार, 11 अक्टूबर 2026
- हिंदू तिथि
- शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
आश्विन - तिथि आरंभ / समाप्त
- 9:20 PM, 10 अक्टू॰ → 9:31 PM
- सूर्योदय पर तिथि
- 6:19 AM
- सूर्योदय · सूर्यास्त (नई दिल्ली)
- 6:19 AM · 5:56 PM
- विक्रम संवत्
- 2083 (गुजराती: 2082)
तिथियाँ
| वर्ष | तारीख | हिंदू तिथि | |
|---|---|---|---|
| 2026 | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा | कैलेंडर में देखें |
| 2027 | गुरुवार, 30 सितंबर 2027 | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा | कैलेंडर में देखें |
तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं। बीत चुकी तारीखें नहीं दी गई हैं। आगे के वर्ष जाँच के बाद जोड़े जाएँगे।
शारदीय नवरात्रि के बारे में
शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में, शरद ऋतु में देवी दुर्गा की नौ रात्रियों का पर्व है। नौ दिनों में से प्रत्येक देवी के एक स्वरूप को समर्पित है और दसवें दिन दशहरे के साथ पर्व पूरा होता है। यह वर्ष की नवरात्रियों में सबसे व्यापक रूप से मनाई जाती है।
कई भक्त नौ दिन व्रत रखते हैं या केवल सात्त्विक फलाहार करते हैं। गुजरात में संध्याएँ गरबा और डांडिया को समर्पित होती हैं और बंगाल में यही दिन दुर्गा पूजा के रूप में मनाए जाते हैं।
तिथि कैसे तय होती है
नवरात्रि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से, यानी शुक्ल पक्ष की पहली तिथि से शुरू होती है, जिसे सूर्योदय पर लिया जाता है। घटस्थापना उसी दिन प्रातः की जाती है, अधिमानतः दिन के पहले तिहाई भाग के बीतने से पहले। जब प्रतिपदा छोटी हो या दूसरे सूर्योदय तक चले तो पंचांग उस दिन को चुनते हैं जो उसे प्रातःकाल के अधिक भाग में रखे।
कैसे मनाया जाता है
- पहले दिन प्रातः घटस्थापना करें, यानी कलश स्थापित कर जौ बोएँ।
- व्रत रखें, दुर्गा सप्तशती पढ़ें या देवी के नामों का जप करें और प्रतिदिन एक स्वरूप का पूजन करें।
- अष्टमी या नवमी को कई परिवार कन्या पूजन करते हैं।
पूजा विधि
- प्रतिपदा की सुबह पूजा स्थल साफ़ करें और मिट्टी के पात्र में जौ बोएँ।
- कलश स्थापना (घटस्थापना) करें: कलश में जल, सिक्का और सुपारी डालें, मुँह पर आम के पत्ते लगाएँ और ऊपर लाल कपड़े में लिपटा नारियल रखें। सुबह के मुहूर्त या अभिजित में करें, और जहाँ तक हो सके चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग से बचें।
- यदि परिवार में परंपरा हो तो अखंड ज्योति जलाएँ और नौ दिन जलाए रखें।
- हर दिन उस दिन के देवी-स्वरूप की लाल फूल, कुमकुम और भोग से पूजा करें, और दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
- बहुत से लोग व्रत रखते हैं और केवल फल व व्रत का भोजन (फलाहार) लेते हैं।
- अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें: नौ कन्याओं के पैर धोएँ, उन्हें पूरी, चना और हलवा खिलाएँ, और उपहार दें।
- हर सुबह और शाम आरती गाएँ।
पूजा सामग्री सूची
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कथा: दुर्गा और महिषासुर
महिषासुर नामक असुर को वरदान था कि कोई पुरुष या देवता उसे नहीं मार सकेगा, और उसने देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया। देवताओं ने अपनी शक्तियाँ एक तेजस्वी रूप में मिला दीं: सिंह पर सवार, हर देवता के अस्त्र धारण किए माँ दुर्गा।
उन्होंने नौ रातों तक महिषासुर और उसकी सेना से युद्ध किया और दसवें दिन, विजयादशमी को, उसका वध किया। नौ रातें देवी के नौ स्वरूपों को समर्पित हैं: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।
आरती: जय अम्बे गौरी
नवरात्रि में सुबह-शाम गाई जाने वाली दुर्गा आरती। शब्द परिवारों में थोड़े अलग हो सकते हैं।
अन्य शहरों में शारदीय नवरात्रि 2026
| शहर | तारीख | नई दिल्ली से तुलना |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
| लंदन | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
| न्यूयॉर्क | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
| टोरंटो | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
| सिडनी | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
| दुबई | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
| सिंगापुर | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
| जोहान्सबर्ग | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली जैसी ही |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शारदीय नवरात्रि 2026 में कब है?
शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को है (नई दिल्ली)। तिथि 9:20 PM, 10 अक्टू॰ से 9:31 PM तक रहती है।
शारदीय नवरात्रि 2027 में कब है?
शारदीय नवरात्रि 2027 गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को है (नई दिल्ली)।
शारदीय नवरात्रि की तारीख हर वर्ष क्यों बदलती है?
शारदीय नवरात्रि हिंदू चंद्र-सौर पंचांग पर आधारित है। यह आश्विन की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से जुड़ा है, किसी निश्चित अंग्रेज़ी तारीख से नहीं। चंद्र वर्ष सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटा होता है, इसलिए तारीख हर वर्ष लगभग इतनी पहले खिसकती है, जब तक अधिक मास जोड़कर वह वापस आगे नहीं कूदती।
शारदीय नवरात्रि क्या हर जगह एक ही दिन होता है?
जाँचे गए शहरों (नई दिल्ली, लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सिडनी, दुबई, सिंगापुर, जोहान्सबर्ग) में तारीख एक ही है। अन्य स्थानों पर फिर भी अंतर हो सकता है, क्योंकि तिथियाँ स्थानीय सूर्योदय या सूर्यास्त पर देखी जाती हैं।